नई शिक्षा नीति (संक्षेप)

Introduction / परिचय:

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, 21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति है, जिसका उद्देश्य देश के विकास से जुड़े कई अनिवार्य मुद्दों को संबोधित करना है जो सतत विकास के 2030 के एजेंडे के अनुरूप हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020, सुलभ, समानता, गुणवत्ता, सामर्थ्य और जवाबदेही के मूलभूत स्तंभों पर बनाई गई है।

एनईपी 2020 स्कूली शिक्षा के लिए कई परिवर्तनकारी विचारों की सिफारिश करता है। नई शिक्षा नीति में चरणबद्ध तरीके से देश भर में उच्च गुणवत्ता वाले ईसीसीई तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित जिलों और स्थानों पर विशेष ध्यान और प्राथमिकता दी जाएगी।

बच्चों के संज्ञानात्मक और सामाजिक-भावनात्मक विकास के चरणों पर आधारित 5 +3 +3 +4 पाठयक्रम और शैक्षणिक संरचना का प्रस्ताव किया गया है:

  • मूलभूत चरण (आयु 3-8 वर्ष): 3 वर्ष पूर्व-प्राथमिक प्लस ग्रेड 1-2
  • प्रारंभिक चरण (8-11 वर्ष): ग्रेड 3-5
  • मध्य चरण (11-14 वर्ष): ग्रेड 6-8
  • माध्यमिक चरण (14-18 वर्ष): ग्रेड 9-12

इसके तहत मिशन मोड में मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान सुनिश्चित करने और स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में परिवर्तनों और कम पठन सामग्री भार के साथ-साथ छात्रों के समग्र विकास के लिए मूल्यांकन में सुधारों को भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। कला और विज्ञान के बीच, पाठयक्रम और पाठ्येतर गतिविधियों के बीच, व्यावसायिक और अकादमिक विषयों आदि के बीच कोई सख्त अंतर नहीं होगा।

एनईपी 2020 सक्रिय शिक्षाशास्त्र, 21वीं सदी के कौशल, सभी चरणों में प्रायोगिक शिक्षा, कम हिस्सेदारी वाली बोर्ड परीक्षा, समग्र प्रगति कार्ड, छात्रों के बीच महत्वपूर्ण और उच्च स्तर की सोच को बढ़ावा देने के लिए मूल्यांकन में परिवर्तन, व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा में लाने और शिक्षक शिक्षा में सुधार सहित मुख्य क्षमताओं और जीवन कौशल के विकास को बढ़ावा देता है। एनईपी शिक्षकों के सशक्तिकरण और उनकी भर्ती, सेवा शर्तों, स्थानांतरण नीति और सभी स्तरों पर कैरियर प्रगति के अवसरों में सुधार पर भी ध्यान केंद्रित करता है। शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (एनपीएसटी) , शिक्षकों के विभिन्न स्तरों के लिए मानदंडों और मानकों को निर्दिष्ट करेगा। सामाजिक सामंजस्य व समुदाय के लिए सामाजिक, बौद्धिक और स्वयंसेवी गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्कूल अवसंरचना के समुचित इस्तेमाल हेतु गैर-शिक्षण/स्कूली अवधि के दौरान स्कूलों का “सामाजिक चेतना केंद्र” के रूप में उपयोग करने की भी सिफारिश की गई है। एनईपी 2020, मातृभाषा/गृह भाषा/स्थानीय भाषा में, कम से कम ग्रेड 5 तक और बाद के चरणों में, जहां भी संभव हो, शिक्षण की सिफारिश करता है। नीतिगत हितों के टकराव को समाप्त करने के लिए विनियामक, प्रशासनिक और नीति निर्माण कार्यों को अलग करने की परिकल्पना की गई है और राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण की स्थापना की सिफारिश की गई है। शिक्षा, मूल्यांकन, योजना और प्रशासन सहित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी पर भी अधिक जोर दिया गया है।

About the Discussion / चर्चा के बारे में :

एनईपी शिक्षकों के महत्व को स्वीकार करता है और मानता है कि वास्तव में शिक्षक ही हमारे बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं-और अपने राष्ट्र का भविष्य संवारते हैं। एनईपी के सफल कार्यान्वयन के लिए सभी चरणों में शिक्षकों की भागीदारी बेहद जरूरी है। इसलिए, शिक्षकों की महत्ता और महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने एनईपी की विभिन्न सिफारिशों को लागू करने पर प्रधानाचार्यों/प्रधान शिक्षकों/शिक्षकों के विचार/सुझाव/टिप्पणियां आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। प्राप्त विचार/सुझाव/टिप्पणियां एनईपी-2020 की कार्यान्वयन योजना का अभिन्न अंग होंगी। यह सिस्टम में शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करता है और उनसे 21 वीं सदी के कौशल और बच्चों को समग्र शिक्षा प्रदान करने में उनकी भूमिका की अपेक्षा की जाती है।

Participation Guidelines / भागीदारी दिशानिर्देश:

  • सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त/निजी गैर सहायता प्राप्त स्कूलों के सभी प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक/शिक्षक इस कार्य में भाग ले सकते हैं।
  • विभिन्न थीम/विषयों पर सुझाव दिए जा सकते हैं। इसे सरल बनाने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने एनईपी की महत्वपूर्ण सिफारिशों पर विषयवार प्रश्न तैयार किया है।
  • जमीनी स्तर से प्राप्त सुझावों/विचारों/टिप्पणियों से एनईपी 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन योजना बनाने में मदद मिलेगी।
  • प्रतिभागियों को एक साधारण रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर मंच पर अपना पंजीकरण कराना होगा।

Important Dates / महत्वपूर्ण तिथियां:

  • प्रारंभ तिथि: 24 अगस्त 2020
  • अंतिम तिथि: 31 अगस्त 2020 (5.30 PM)

NEP 2020 Themes

A. EARLY CHILDHOOD CARE AND EDUCATION: THE FOUNDATION OF LEARNING /

प्रारंभिक बाल्यकाल देखभाल और शिक्षा : अधिगम की बुनियाद

B. FOUNDATIONAL LITERACY AND NUMERACY: AN URGENT & NECESSARY PREREQUISITE TO LEARNING /

बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान : अधिगम के लिए एक अत्यावश्यक और अनिवार्य पूर्वापेक्षा

C. CURTAILING DROPOUT RATES AND ENSURING UNIVERSAL ACCESS TO EDUCATION AT ALL LEVELS /

ड्रॉपआउट दर को कम करना और सभी स्तरों पर शिक्षा की सर्वसुलभ पहुँच सुनिश्चित करना

D. CURRICULUM AND PEDAGOGY IN SCHOOLS: LEARNING SHOULD BE HOLISTIC, INTEGRATED, ENJOYABLE AND ENGAGING

स्कूलों में पाठ्यचर्या और शिक्षाशास्त्र: अधिगम की प्रक्रिया सम्पूर्ण, एकीकृत, मनोरंजक और कारगर होनी चाहिए

E. TEACHERS /

शिक्षक

F. EQUITABLE AND INCLUSIVE EDUCA4TION: LEARNING FOR ALL /

समान और समावेशी शिक्षा- सभी के लिए अधिगम

G. EFFICIENT RESOURCING AND EFFECTIVE GOVERNANCE THROUGH SCHOOL COMPLEXES/CLUSTERS /

स्कूल परिसरों/क्लस्टर के माध्यम से प्रभावी संसाधन जुटाना और प्रभावी अभिशासन

H. STANDARD-SETTING AND ACCREDITATION FOR SCHOOL EDUCATION /

स्कूल शिक्षा के लिए मानक निर्धारण और प्रत्यायन

I. RE-IMAGINING VOCATIONAL EDUCATION /

व्यावसायिक शिक्षा की उपयोगिता को पुनः प्रतिपादित करना

J. ADULT EDUCATION /

प्रौढ़ शिक्षा

K. USE OF TECHNOLOGY AND ONLINE EDUCATION /

प्रौद्योगिकी और ऑनलाइन शिक्षा का प्रयोग

gulab37blog द्वारा प्रकाशित

मैं केंद्रीय विद्यालय में एक हिंदी अध्यापक हूँ|

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